Showing posts with label जुदाई. Show all posts
Showing posts with label जुदाई. Show all posts

Monday, 17 February 2014

दर्द सहा नहीं जाता


दर्द तो होता है मगर सहा नहीं जाता
तू सामने भी है मगर कहा नहीं जाता

जब से दोस्ती पत्थरों से की मैंने
शीशे के मकां में मुझसे रहा नहीं जाता

जिंदगी जहर ही सही मगर पिया नहीं जाता
जीते थे पहले भी तेरे बिन अब रहा नहीं जाता

राहों में मिल गए तो समझा हमसफ़र तुझे
चल तो दिए मगर मंजिल नज़र नहीं आता

सुकूं की तलाश में कहाँ कहाँ ढूँढा तुझे
बेताब मेरा दिल मगर वहां नहीं जाता

तू आ के थाम ले मेरे हाथों को
दर्दे दिल का मगर सहा नहीं जाता

ले चल मुझे ख्वाबों के उस गाँव
जुदाई का साया जहाँ नहीं जाता 
    
Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...