दिल के जजबात
अच्छी कविता .
साज कोई छेड़ोगीत नया गाने दो बहुत तनहा है ये दिल आज उसे बह जाने दो bahut sundar bhavbhari rachana .. aabhar !
अति सुन्दर .
कितना अच्छा लिखा है आपने।बहुत उत्कृष्ट अभिव्यक्ति.हार्दिक बधाई और शुभकामनायें!कभी यहाँ भी पधारें और लेखन भाने पर अनुसरण अथवा टिपण्णी के रूप में स्नेह प्रकट करने की कृपा करें |सादर मदनhttp://madan-saxena.blogspot.in/http://mmsaxena.blogspot.in/http://madanmohansaxena.blogspot.in/http://mmsaxena69.blogspot.in/
अच्छी कविता .
ReplyDeleteसाज कोई छेड़ो
ReplyDeleteगीत नया गाने दो
बहुत तनहा है ये दिल
आज उसे बह जाने दो
bahut sundar bhavbhari rachana .. aabhar !
अति सुन्दर .
ReplyDeleteकितना अच्छा लिखा है आपने।
ReplyDeleteबहुत उत्कृष्ट अभिव्यक्ति.हार्दिक बधाई और शुभकामनायें!
कभी यहाँ भी पधारें और लेखन भाने पर अनुसरण अथवा टिपण्णी के रूप में स्नेह प्रकट करने की कृपा करें |सादर मदन
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